जयपुर:- राजस्थान में पंचायतीराज और निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार जल्द ही बड़ा फैसला ले सकती है। दो से ज्यादा संतान वालों को चुनाव लड़ने से रोकने वाले नियम में बदलाव की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार, सरकार इस नियम की उच्च स्तर पर समीक्षा कर रही है। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि, “जब सरकारी कर्मचारियों को तीसरी संतान की छूट दी जा चुकी है, तो जनप्रतिनिधियों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्हें भी समान अधिकार मिलने चाहिए।” सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री स्तर पर भी इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है, और अब दोनों विभागों — पंचायतीराज और स्वायत्त शासन विभाग — से रिपोर्ट मंगवाई गई है। सभी पक्षों की राय लेने के बाद सरकार अंतिम निर्णय लेगी। राज्य में 27 नवंबर 1995 के बाद तीसरी संतान होने पर चुनाव लड़ने पर रोक लागू है। इस तिथि से पहले जन्मे बच्चों पर यह पाबंदी लागू नहीं होती। अब इस नियम को हटाने की दिशा में विचार हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से हजारों जनप्रतिनिधियों को राहत मिलेगी, वहीं आने वाले निकाय-पंचायतीराज चुनावों से पहले यह एक बड़ा राजनीतिक निर्णय साबित हो सकता है। कई संगठनों और नेताओं ने भी इस नियम को हटाने की मांग की है। अगर यह बदलाव लागू हुआ तो राज्य में चुनावी समीकरणों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।।
राजस्थान निकाय-पंचायतीराज चुनावों में दो बच्चों के नियम में मिली बड़ी राहत…
