जोधपुर | चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। मेडिकल बोर्ड की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) जांच में स्पष्ट किया गया है कि उनकी मृत्यु किसी साजिश या बाहरी हमले से नहीं, बल्कि गंभीर अस्थमा अटैक के कारण हुई थी।
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं और आरोप-प्रत्यारोप हुए थे, लेकिन अब आधिकारिक रिपोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
28 जनवरी को अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी को पाल गांव स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद उनके पिता ने पुलिस में मामला दर्ज कराया था, जिसके चलते जांच की प्रक्रिया शुरू हुई और कई तरह की आशंकाएं सामने आईं।
महात्मा गांधी अस्पताल में हुआ पोस्टमार्टम
साध्वी का पोस्टमार्टम महत्मा गांधी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि उनकी मृत्यु सांस रुकने (दम घुटने) के कारण हुई, जो अस्थमा अटैक का परिणाम था।
विसरा सैंपल को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया था। हाल ही में आई एफएसएल रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के जहरीले पदार्थ या अप्राकृतिक तत्व की पुष्टि नहीं हुई है। इससे जहर देने की आशंकाओं पर पूर्ण विराम लग गया है।
SIT जांच: नहीं मिले साजिश के प्रमाण
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। टीम ने आश्रम परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और वहां मौजूद सेवादारों व अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए।
जांच के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बाहरी हस्तक्षेप का प्रमाण नहीं मिला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सभी तथ्यों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मामला प्राकृतिक मृत्यु का है।
सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर जहर देने और साजिश की चर्चाएं तेज हो गई थीं। स्थानीय स्तर पर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट सामने आने के बाद इन दावों को खारिज कर दिया गया है।
प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी और अफवाहों पर ध्यान न दें।
परिवार और श्रद्धालुओं में शोक
साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक मृत्यु से उनके परिवार, अनुयायियों और श्रद्धालुओं में शोक की लहर है। आश्रम में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
निष्कर्ष
अब मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद यह स्पष्ट हो चुका है कि साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु प्राकृतिक कारणों (अस्थमा अटैक) से हुई थी। SIT जांच में भी किसी साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के प्रमाण नहीं मिले हैं।
इस प्रकार लंबे समय से चल रही अटकलों और विवादों पर आधिकारिक रूप से विराम लग गया है।
