तेज प्रताप पर इतनी मेहरबानी? गृह मंत्रालय ने दी ‘Y Plus’ सिक्योरिटी, दो बार हुई थी BJP सांसद से मुलाकात

बिहार राजनीति में नया मोड़: राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है — केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से दी गई ‘Y+’ कैटेगरी सुरक्षा। तेज प्रताप को यह सुरक्षा ऐसे समय में मिली है जब वह अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) के बैनर तले राजनीतिक मैदान में उतर चुके हैं।


🔹 नई पार्टी और राजनीतिक सफर

तेज प्रताप यादव को कुछ समय पहले आरजेडी (RJD) से निष्कासित कर दिया गया था। पार्टी नेतृत्व ने उनके ‘अनुशासनहीन व्यवहार’ को कारण बताया। इसके बाद तेज प्रताप ने अपनी अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल का गठन किया और महुआ सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

उन्होंने कहा — “मैं उसी के साथ रहूंगा जो बेरोजगारी मिटाएगा और बिहार में विकास लाएगा।”

उनकी यह पंक्ति इस ओर इशारा करती है कि वह अब किसी भी गठबंधन के लिए खुले हैं, चाहे वह एनडीए ही क्यों न हो।


🔹 Y+ सिक्योरिटी — आखिर क्यों?

गृह मंत्रालय ने तेज प्रताप यादव को ‘Y+ कैटेगरी’ सुरक्षा दी है। इस सुरक्षा में लगभग 11 कमांडो तैनात रहते हैं, जिनमें PSO और स्थायी सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। यह सुरक्षा CRPF की ओर से उपलब्ध कराई जाती है।

सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में तेज प्रताप की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें कहा गया था कि उनकी सुरक्षा में संभावित खतरा है। इसके बाद केंद्र ने यह निर्णय लिया।

राजनीतिक गलियारों में इसे केवल ‘सुरक्षा का मामला’ नहीं बल्कि ‘राजनीतिक संकेत’ के रूप में भी देखा जा रहा है।


🔹 भाजपा सांसद रवि किशन से मुलाकातें

तेज प्रताप यादव पिछले कुछ दिनों में दो बार भाजपा सांसद रवि किशन से मुलाकात कर चुके हैं। दोनों की यह मुलाकात पटना एयरपोर्ट पर हुई थी। इससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।

जब उनसे पूछा गया तो तेज प्रताप ने कहा — “हम दोनों भोलेनाथ के भक्त हैं, यह सिर्फ एक संयोग था।”

हालांकि, यह भी सच है कि तेज प्रताप ने संकेत दिए कि वह भविष्य में किसी नए राजनीतिक गठबंधन की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।


🔹 राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि तेज प्रताप यादव का यह कदम न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ा है बल्कि उनकी नई पार्टी के लिए एक “राजनीतिक वजन” पैदा करने का तरीका भी है।

  • यह दिखाता है कि केंद्र सरकार भी उन्हें एक अहम खिलाड़ी के रूप में देख रही है।
  • भाजपा नेताओं से उनकी नजदीकी, विशेषकर रवि किशन जैसी हस्तियों से मुलाकातें, आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकती हैं।

🔹 निष्कर्ष

तेज प्रताप यादव वर्तमान में संक्रमण काल से गुजर रहे हैं — एक तरफ वे अपने पिता की विरासत से अलग पहचान बनाना चाहते हैं, तो दूसरी ओर नई पार्टी को स्थापित करने का संघर्ष भी कर रहे हैं।

उनकी सुरक्षा बढ़ोतरी, भाजपा नेताओं से मुलाकातें और खुद का पार्टी गठन — यह सब संकेत देता है कि बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय खुलने वाला है।

अब सवाल यह है कि क्या तेज प्रताप यादव की यह नई राह उन्हें सत्ता के करीब ले जाएगी या राजनीतिक एकांत की ओर?


लेखक: The Barmer Info समाचार विश्लेषण टीम
विषय: बिहार राजनीति | तेज प्रताप यादव | सुरक्षा कवरेज | नई पार्टी JJD