मालनपुर की दर्दनाक घटना :
भिंड/मालनपुर:-
मां – यह शब्द हमेशा स्नेह, ममता और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। मां अपने बच्चे की रक्षा के लिए जान तक दांव पर लगा देती है। लेकिन भिंड जिले के मालनपुर क्षेत्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। यहां एक मां ने शक के अंधेरे में डूबकर अपने महज 27 दिन के बेटे का गला घोंट दिया, और फिर खुद भी मौत को गले लगा लिया।🔴 घटना कैसे हुई:घटना शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है।मालनपुर के वार्ड 14 निवासी सुंदर सिंह गुर्जर के मकान में रहने वाले दंपत्ति के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। महिला को शक था कि उसका पति किसी और से बात करता है। इसी शक ने उसे इस हद तक अंधा कर दिया कि उसने अपना ही 27 दिन का मासूम बच्चा मांगलिक का गला घोंट दिया।बेटे की हत्या के बाद महिला ने अपने पति पर चाकू से वार कर घायल कर दिया। इसके बाद उसने खुद भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।🔹 पति का बयान:पति ने बताया कि“एक साल पहले हमने घर से भागकर शादी की थी। शुरुआत में सब ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद पत्नी को शक होने लगा कि मैं किसी और लड़की से बात करता हूं। शुक्रवार रात को फिर झगड़ा हुआ। वह गुस्से में थी। रात में मैं सो गया, सुबह देखा तो बेटा सांस नहीं ले रहा था और पत्नी ने भी फांसी लगा ली थी।”🔹 शादी की कहानी:करीब एक साल पहले दोनों ने शियापुर गांव के खजुरिया मंदिर में प्रेम विवाह किया था। विवाह के एक माह बाद से ही दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए थे।बीते महीने महिला ने एक बेटे को जन्म दिया था — घर में खुशियां आईं थीं, लेकिन कुछ ही हफ्तों में यह खुशी मातम में बदल गई।🔹 पुलिस की कार्रवाई:मामले की सूचना मिलने पर मालनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।थाना प्रभारी विपिन सोनी ने बताया कि,“प्राथमिक जांच में सामने आया है कि महिला को अपने पति पर किसी महिला से संबंध होने का शक था। इसी कारण उसने यह कदम उठाया। पति घायल है, उसका इलाज चल रहा है। मामले की जांच जारी है।”💔 मां की ममता पर भारी पड़ा शक:मां को अपने ही पति पर इतना शक हुआ कि उसने उस नन्हे बच्चे को भी नहीं बख्शा जिसे उसने 27 दिन पहले जन्म दिया था। वह मासूम जो सिर्फ दूध और ममता का हकदार था, उसने अपनी जिंदगी की शुरुआत ही मां के हाथों मौत से की।🕯️ इंसानियत के नाम सवाल:“मां! मेरी क्या गलती थी?”अगर उस मासूम को बोलने की ताकत होती, तो शायद यही सवाल करता।मां की ममता पर शक ने ऐसा पर्दा डाल दिया कि उसने अपने ही कलेजे के टुकड़े को खत्म कर दिया।🔹 निष्कर्ष:यह घटना समाज के लिए गहरी सीख है कि शक किसी भी रिश्ते को नष्ट कर सकता है।विश्वास की कमी, मानसिक अस्थिरता और संवाद की कमी से एक परिवार बिखर गया, एक मासूम की जान चली गई, और एक मां का अस्तित्व मिट गया।🕯️ मालनपुर की इस घटना ने फिर साबित कर दिया कि जब शक का जहर दिल में उतरता है, तो वह न रिश्ते छोड़ता है, न इंसानियत।
